ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 186186.25महाभारत 186.25मम व्रतमिदं लोके नाहं युद्धात्कथंचन विमुखो विनिवर्तेयं पृष्ठतोऽभ्याहतः शरैःपिछलाअगलापूरा अध्याय