ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 186186.24महाभारत 186.24निवर्तस्व रणात्तात मानयस्व द्विजोत्तमान् नेत्यवोचमहं तांश्च क्षत्रधर्मव्यपेक्षयापिछलाअगलापूरा अध्याय