ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 154154.21महाभारत 154.21ततस्तं पाण्डवो राजा करे पस्पर्श पाणिना वासुदेवपुरोगास्तु सर्व एवाभ्यवादयन्पिछलाअगलापूरा अध्याय