ग्रंथमहाभारतउद्योगपर्वअध्याय 127127.37महाभारत 127.37प्रपद्यस्व महाबाहुं कृष्णमक्लिष्टकारिणम् प्रसन्नो हि सुखाय स्यादुभयोरेव केशवःपिछलाअगलापूरा अध्याय