Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 127.36

यथा भीष्मः शांतनवो द्रोणश्चापि महारथः
आहतुस्तात तत्सत्यमजेयौ कृष्णपाण्डवौ

पूरा अध्याय