Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 205.2

प्रवृत्तचक्षुर्जातोऽस्मि संपश्य तपसो बलम्
यदर्थमुक्तोऽसि तया गच्छस्व मिथिलामिति

पूरा अध्याय