Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 129.9

युगंधरे दधि प्राश्य उषित्वा चाच्युतस्थले
तद्वद्भूतिलये स्नात्वा सपुत्रा वस्तुमिच्छसि

पूरा अध्याय