Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 41.8

क्लिश्यमानमनङ्गेन त्वत्संकल्पोद्भवेन वै
तत्पर्याप्नुहि मां सुभ्रु पुरा कालोऽतिवर्तते

पूरा अध्याय