Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 41.7

तामाबभाषे देवेन्द्रः साम्ना परमवल्गुना
त्वदर्थमागतं विद्धि देवेन्द्रं मां शुचिस्मिते

पूरा अध्याय