ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 331331.25महाभारत 331.25जालपादभुजौ तौ तु पादयोश्चक्रलक्षणौ व्यूढोरस्कौ दीर्घभुजौ तथा मुष्कचतुष्किणौपिछलाअगलापूरा अध्याय