ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 331331.24महाभारत 331.24तेजसाभ्यधिकौ सूर्यात्सर्वलोकविरोचनात् श्रीवत्सलक्षणौ पूज्यौ जटामण्डलधारिणौपिछलाअगलापूरा अध्याय