Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 296.32

न देयमेतच्च तथानृतात्मने; शठाय क्लीबाय न जिह्मबुद्धये
न पण्डितज्ञानपरोपतापिने; देयं त्वयेदं विनिबोध यादृशे

पूरा अध्याय