ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 144144.8महाभारत 144.8न कार्यमिह मे नाथ जीवितेन त्वया विना पतिहीनापि का नारी सती जीवितुमुत्सहेत्पिछलाअगलापूरा अध्याय