ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 118118.22महाभारत 118.22युक्तदण्डो न निर्दण्डो धर्मकार्यानुशासकः चारनेत्रः परावेक्षी धर्मार्थकुशलः सदापिछलाअगलापूरा अध्याय