ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 213213.40महाभारत 213.40ततो ददौ वासुदेवो जन्यार्थे धनमुत्तमम् हरणं वै सुभद्राया ज्ञातिदेयं महायशाःपिछलाअगलापूरा अध्याय