Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 213.39

गुरुवत्पूजयामास कांश्चित्कांश्चिद्वयस्यवत्
कांश्चिदभ्यवदत्प्रेम्णा कैश्चिदप्यभिवादितः

पूरा अध्याय