ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 155155.42महाभारत 155.42श्यामा पद्मपलाशाक्षी नीलकुञ्चितमूर्धजा मानुषं विग्रहं कृत्वा साक्षादमरवर्णिनीपिछलाअगलापूरा अध्याय