ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 155155.41महाभारत 155.41कुमारी चापि पाञ्चाली वेदिमध्यात्समुत्थिता सुभगा दर्शनीयाङ्गी वेदिमध्या मनोरमापिछलाअगलापूरा अध्याय