ग्रंथश्रीमद्भगवद्गीताअध्याय 1717.23श्रीमद्भगवद्गीता 17.23तत्सदिति निर्देशो ब्रह्मणस्त्रिविधः स्मृतः।ब्राह्मणास्तेन वेदाश्च यज्ञाश्च विहिताः पुरा।।17.23।।पिछलाअगलापूरा अध्याय