ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 7सूक्त 113113.1अथर्ववेद 113.1तृष्टि॑के॒ तृष्ट॑वन्दन॒ उद॒मूं छि॑न्धि तृष्टिके । यथा॑ कृ॒तद्वि॒ष्टासो॒ऽमुष्मै॑ शे॒प्याव॑ते ॥१॥अगलापूरा अध्याय