ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 8383.1अथर्ववेद 83.1अप॑चितः॒ प्र प॑तत सुप॒र्णो व॑स॒तेरि॑व । सूर्यः॑ कृ॒णोतु॑ भेष॒जं च॒न्द्रमा॒ वोऽपो॑च्छतु ॥१॥अगलापूरा अध्याय