ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 6सूक्त 7878.2अथर्ववेद 78.2अ॒भि व॑र्धतां॒ पय॑सा॒भि रा॒ष्ट्रेण॑ वर्धताम्। र॒य्या स॒हस्र॑वर्चसे॒मौ स्तामनु॑पक्षितौ ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय