Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 130.3

यथा॒ मम॒ स्मरा॑द॒सौ नामुष्या॒हं क॒दा च॒न।
देवाः॒ प्र हि॑णुत स्म॒रम॒सौ मामनु॑ शोचतु ॥३॥

पूरा अध्याय