ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 5सूक्त 1616.4अथर्ववेद 16.4यदि॑ चतुर्वृ॒षोऽसि॑ सृ॒जार॒सोऽसि ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय