ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 4सूक्त 3333.7अथर्ववेद 33.7द्विषो॑ नो विश्वतोमु॒खाति॑ ना॒वेव॑ पारय । अप॑ नः॒ शोशु॑चद॒घम् ॥७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय