ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 8484.1अथर्ववेद 84.1इन्द्रा या॑हि चित्रभानो सु॒ता इ॒मे त्वा॒यवः॑ । अण्वी॑भि॒स्तना॑ पू॒तासः॑ ॥१॥अगलापूरा अध्याय