ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 6666.3अथर्ववेद 66.3वेत्था॒ हि निरृ॑तीनां॒ वज्र॑हस्त परि॒वृज॑म्। अह॑रहः शु॒न्ध्युः प॑रि॒पदा॑मिव ॥३॥पिछलापूरा अध्याय