ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 6666.2अथर्ववेद 66.2ए॒वा नू॒नमुप॑ स्तुहि॒ वैय॑श्व दश॒मं नव॑म्। सुवि॑द्वांसं च॒र्कृत्यं॑ च॒रणी॑नाम् ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय