ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 6363.4अथर्ववेद 63.4य एक॒ इद् वि॒दय॑ते॒ वसु॒ मर्ता॑य दा॒शुषे॑ । ईशा॑नो॒ अप्र॑तिष्कुत॒ इन्द्रो॑ अ॒ङ्ग ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय