ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 5656.4अथर्ववेद 56.4मदे॑मदे॒ हि नो॑ द॒दिर्यू॒था गवा॑मृजु॒क्रतुः॑ । सं गृ॑भाय पु॒रु श॒तोभ॑याह॒स्त्या वसु॑ शिशी॒हि रा॒य आ भ॑र ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय