ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 5050.2अथर्ववेद 50.2कदु॑ स्तु॒वन्त॑ ऋतयन्त दे॒वत॒ ऋषिः॒ को विप्र॑ ओहते । क॒दा हवं॑ मघवन्निन्द्र सुन्व॒तः कदु॑ स्तुव॒त आ ग॑मः ॥२॥पिछलापूरा अध्याय