ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 2828.4अथर्ववेद 28.4अ॒पामू॒र्मिर्मद॑न्निव॒ स्तोम॑ इन्द्राजिरायते । वि ते॒ मदा॑ अराजिषुः ॥४॥पिछलापूरा अध्याय