Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 28.3

इन्द्रे॑ण रोच॒ना दि॒वो दृ॒ल्हानि॑ दृंहि॒तानि॑ च । स्थि॒राणि॒ न प॑रा॒णुदे॑ ॥३॥

पूरा अध्याय