ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 2626.1अथर्ववेद 26.1योगे॑योगे त॒वस्त॑रं॒ वाजे॑वाजे हवामहे । सखा॑य॒ इन्द्र॑मू॒तये॑ ॥१॥अगलापूरा अध्याय