ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 2222.4अथर्ववेद 22.4अ॒भि प्र गोप॑तिं गि॒रेन्द्र॑मर्च॒ यथा॑ वि॒दे। सू॒नुं स॒त्यस्य॒ सत्प॑तिम् ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय