ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 134134.2अथर्ववेद 134.2इ॒हेत्थ प्रागपा॒गुद॑ग॒धराग् – व॒त्साः पुरु॑षन्त आसते ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय