ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 124124.2अथर्ववेद 124.2कस्त्वा॑ स॒त्यो मदा॑नां॒ मंहि॑ष्ठो मत्स॒दन्ध॑सः । दृ॒ल्हा चि॑दा॒रुजे॒ वसु॑ ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय