ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 124124.1अथर्ववेद 124.1कया॑ नश्चि॒त्र आ भु॑वदू॒ती स॒दावृ॑धः॒ सखा॑ । कया॒ शचि॑ष्ठया वृ॒ता ॥१॥अगलापूरा अध्याय