ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 110110.2अथर्ववेद 110.2यस्मि॒न् विश्वा॒ अधि॒ श्रियो॒ रण॑न्ति स॒प्त सं॒सदः॑ । इन्द्रं॑ सु॒ते ह॑वामहे ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय