ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 2सूक्त 1717.5अथर्ववेद 17.5चक्षु॑रसि॒ चक्षु॑र्मे दाः॒ स्वाहा॑ ॥६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय