ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 2सूक्त 1717.4अथर्ववेद 17.4श्रोत्र॑मसि॒ श्रोत्रं॑ मे दाः॒ स्वाहा॑ ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय