ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 2सूक्त 1616.5अथर्ववेद 16.5विश्वं॑भर॒ विश्वे॑न मा॒ भर॑सा पाहि॒ स्वाहा॑ ॥५॥पिछलापूरा अध्याय