ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 2सूक्त 1616.3अथर्ववेद 16.3सूर्य॒ चक्षु॑षा मा पाहि॒ स्वाहा॑ ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय