ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 2सूक्त 1111.4अथर्ववेद 11.4सू॒रिर॑सि वर्चो॒धा अ॑सि तनू॒पानोऽसि । आ॒प्नु॒हि श्रेयां॑स॒मति॑ स॒मं क्रा॑म ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय