ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 18सूक्त 11.38अथर्ववेद 1.38शव॑सा॒ ह्यसि॑ श्रु॒तो वृ॑त्र॒हत्ये॑न वृत्र॒हा। म॒घैर्म॒घोनो॒ अति॑ शूर दाशसि ॥३८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय