ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 18सूक्त 11.37अथर्ववेद 1.37सखा॑य॒ आ शि॑षामहे॒ ब्रह्मेन्द्रा॑य व॒ज्रिणे॑ । स्तु॒ष ऊ॒ षु नृत॑माय धृ॒ष्णवे॑ ॥३७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय