Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 5.8

वि॒द्म ते॑ स्वप्न ज॒नित्रं॑ देवजामी॒नां पु॒त्रोऽसि य॒मस्य॒ कर॑णः ॥८॥

पूरा अध्याय