ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 22.22अथर्ववेद 2.22अह॑श्च॒ रात्री॑ च परिष्क॒न्दौ मनो॑ विप॒थम् ॥२२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय