ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 1414.12अथर्ववेद 14.12ओष॑धीभिरन्ना॒दीभि॒रन्न॑मत्ति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय