ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 1111.4अथर्ववेद 11.4यदे॑न॒माह॒ व्रात्यो॑द॒कमित्य॒प ए॒व तेनाव॑ रुन्द्धे ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय